इस वित्त वर्ष में विभागों के खत्म होंगे अप्रासंगिक पद। साथ ही नए पदों का सृजन नही होगा।शासनादेश जारी

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग एवं लॉकड़ाउन के कारण उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व में भारी कमी आई है और इस लड़ाई को लड़ने के लिए सरकार ने वित्तीय संसाधन जुटाने की खातिर जरूरी खर्चों में कटौती की है। इसी के चलते राज्य सरकार ने अनावश्यक खर्चों पर कैंची चला दी गई है । सरकारी खर्चों में मितव्ययता के बारे में वित्त विभाग की ओर से सोमवार को शासनादेश जारी कर दिया गया है।

शासनादेश में कहा गया है कि विभिन्न विभागों में सलाहकार अध्यक्ष सदस्य जैसे पदों के लिए सहयोगी स्टाफ का कोई नया पद सृजित नहीं किया जाएगा। सहयोगी स्टाफ की व्यवस्था सरप्लस स्टाफ या आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी। साथ ही विभाग में जो पद आप्रसांगिक हो गए हैं उन्हें चिन्हित कर समाप्त करने के लिए कहा गया है।इसके साथ ही शासनादेश में कहा गया है कि इन समाप्त किए जाने वाले अप्रासंगिक पदों पर यदि कोई कर्मचारी कार्यरत है तो उसे विभाग में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए और वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभागों द्वारा नए पदों का सृजन नहीं किया जाए।