वर्ष 2019-20 के स्थानांतरण सत्र में स्थानांतरित पैरामेडिकल संवर्ग के कार्मिकों के लिए खुशखबरी ।

जिन पैरामेडिकल संवर्ग के कार्मिकों के सत्र 2019-20 में स्थानांतरण /समायोजन निरस्त हो चुके है उनका वेतन आहरित किया जाएगा।

लखनऊ। महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं पैरामेडिकल अनुभाग के द्वारा आदेश में कहा गया है कि वार्षिक स्थानांतरण सत्र 2019-20 में नीति के अंतर्गत किए गए पैरामेडिकल संवर्ग के स्थानांतरण पर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद/लखनऊ खंडपीठ द्वारा पारित विभिन्न आदेशों के अनुपालन में प्रदेश के विभिन्न पैरामेडिकल संवर्ग के कार्मिकों के समायोजन/स्थानांतरण निरस्त किये गए थे। उन कर्मचारियों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गयी जो कुछ अवधि विभिन्न जनपदों में स्थानांतरण आदेश के तहत चिकित्सालयों में अपनी सेवाएं प्रदान कर चुके और अब अपने पूर्व तैनाती स्थल अथवा दूसरी जगह सेवाएं दे रहे हैं। कार्मिकों की भिन्न भिन्न अवधि के उपस्थिति प्रमाणित न होने के कारण उक्त अवधियों का वेतन आहरित नही हो सका। महानिदेशक कार्यालय के आदेशानुसार प्रशासनिक नियमों को शिथिल करते हुए ऐसे सभी कार्मिकों का वेतन आहरित कर दिया जाए। जहां अवकाश स्वीकृत करने की आवश्यकता हो वहां देय अवकाशों में से अवकाश स्वीकृत कर दिया जाए। ताकि सेवारत कर्मियों का मनोबल कोविड 19 की रोकथाम में मनोबल बनाए रखा जा सके।

केंद्र सरकार ने कर्मचारियों/पेंशनरों का महँगाई भत्ता वृद्धि पर जुलाई 2021 तक रोक लगाई

नई दिल्लीः देश के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार ने झटका दे दिया है. केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने पर रोक लगा दी है. कोरोना वायरस के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट की वजह से ये फैसला लिया गया है. पहले से ही इस बात के संकेत मिलने लगे थे कि इस बार कर्मचारियों और पेंशनधारकों को महंगाई भत्ते के बढ़ने का फायदा नहीं दिया जाएगा । फैसले के तहत यह आदेश केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों और वेतनभोगियों पर लागू होगा.

वेतन संरक्षण देना सरकार का नीतिगत निर्णय – उo प्रo हाईकोर्ट


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों को दिया जाने वाला वेतन संरक्षण लाभ सरकार का नीतिगत निर्णय होता है अदालतों को इसमें हस्तक्षेप करने का सीमित अधिकार है। हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज में नियुक्त एक प्रवक्ता की वेतन संरक्षण की मांग को खारिज करते हुए उनके हक में दिए एकल जज के आदेश से असहमति व्यक्त कर यूपी सरकार की विशेष अपील को मंजूर कर लिया। यह निर्णय हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विश्वनाथ सोमद्दर व न्यायमूर्ति डॉ वाई के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार द्वारा एकल जज के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपील को मंजूर करते हुए दिया है। एकल जज ने झांसी मेडिकल कॉलेज में नियुक्त प्रवक्ता डॉ. राज कमल सिंह की वेतन संरक्षण की मांग को को मंजूर कर लिया था, जिसके खिलाफ
सरकार ने विशेष अपील दो जजों के समक्ष दायर की थी।

उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय का संबंधित निर्णय देखें

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